कटक: हमारे समय के एक युवा सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, संगठनकर्ता, रक्तदाता, पर्यावरणविद् बासुदेव पात्र हमारे आदर्श हैं। उनका जन्म 1987 में कटक जिले के तेलेंगापेंठ के पास नछीपुर गांव में पिता कान्हू चरण पात्र और माता सुजाता पात्र के पुत्र के रूप में हुआ है। एक उच्च शिक्षित व्यक्ति के रूप में उन्होंने सईंदा हाई स्कूल से 10वीं, श्री जयदेव कॉलेज नहरकंटा से विज्ञान में 12वीं, उत्कल विश्वविद्यालय से कला में स्नातक, और प्रेसछक कटक में सरकारी आईटीआई से उत्तीर्ण हुए हैं। वह पेशे से एक सिभिल पाईलट हैं लेकिन प्रवृति से सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों, शबदाह-संस्कार, रक्तदान शिविरों के आयोजन, रक्तदान सेवाओं में लगे हुए हैं। उन्होंने युवाओं के साथ मिलकर एक सामाजिक संस्था “हिन्दुस्तान हेल्पिंग हैंड्स” की स्थापना की है। उन्होंने अठारह बार रक्तदान किया है और उनकी संस्था पांच हजार से अधिक रक्त संग्रह कर चुकी है। उन्हें कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। पर्यावरण की रक्षा के लिए, उन्होंने अपने क्षेत्र में 30,000 से अधिक पौधे लगाए हैं और पांच वन (ऑक्सीजन प्लांट, लिटिल अमाजन, मिस्ट्रेस द्रौपदी मुर्मू वन, होली उड़, लाइफ लाइन फरेस्ट आदि) बनाए हैं। राज्य के ग्रामीण बच्चों का विकास, जागरूकता, उन्हें रेलवे विभाग, ओडिशा पुलिस, आर.आई. , अमीन, फरेस्ट गार्ड, सप्लाई इंस्पेक्टर, जे.ई. , पीएसओ, एएसओ जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। वह अपने वेतन का अधिकांश भाग इसी शिक्षा एवं सेवा कार्य पर खर्च करते हैं।
Reported by Srikant Beura from Cuttack Sadar


