आदिवासियों की जमीन-जंगल और आजीविका खतरे में : निरंजन बिशि
डबल इंजन नहीं, ‘ट्रबल इंजन’ सरकार चल रही है — सांसद का तीखा हमला
नई दिल्ली, (विशेष संवाददाता)
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए राज्यसभा सांसद श्री निरंजन बिशि ने केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन सरकार’ पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश में आदिवासी समुदाय सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जमीन, जल, जंगल और आजीविका पर लगातार संकट बढ़ रहा है तथा उनके संवैधानिक, सामाजिक और आर्थिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।
श्री बिशि ने कहा कि यह गर्व की बात है कि माननीय राष्ट्रपति ओडिशा की बेटी और आदिवासी समुदाय से हैं, लेकिन दुख की बात है कि उनके अभिभाषण में आदिवासियों की समस्याओं और उनके अधिकारों पर कोई ठोस चर्चा नहीं की गई।
सांसद ने पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा शुरू की गई बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना (BSKY) का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना ने ओडिशा के गरीबों, आदिवासियों, दलितों, महिलाओं और किसानों को वास्तविक स्वास्थ्य सुरक्षा दी थी। इसके तहत महिलाओं को ₹10 लाख और पुरुषों को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता था और BSKY कार्ड से सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान आयुष्मान भारत योजना में पहले पैसा देने की शर्त लागू कर दी गई है, जिसके कारण हजारों गरीब मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। इस गंभीर विषय पर भी राष्ट्रपति के अभिभाषण में चुप्पी साधी गई।
श्री बिशि ने बताया कि देश के विश्वविद्यालयों में ST/SC के लिए 70 प्रतिशत प्रोफेसर, रीडर और लेक्चरर पद खाली पड़े हैं, वहीं उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में भी ST/SC न्यायाधीशों के पद रिक्त हैं, लेकिन इन्हें भरने के लिए कोई विशेष भर्ती प्रक्रिया घोषित नहीं की गई।
उन्होंने अन्वेषा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि नवीन सरकार ने ग्रामीण और आदिवासी छात्रों के लिए यह शहरी शिक्षा योजना शुरू की थी, लेकिन 2025 और 2026 में इस योजना के तहत प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे हजारों गरीब छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो गए हैं।
सांसद ने यह भी कहा कि नवीन सरकार द्वारा 314 ब्लॉकों में स्थापित ओडिशा आदर्श विद्यालय (OAV) में चलाई जा रही राष्ट्रीय मेरिट छात्रवृत्ति योजना को वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया है, जिसका भी राष्ट्रपति के अभिभाषण में कोई जिक्र नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ST/SC आरक्षण, पदोन्नति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संवैधानिक प्रावधानों को सही तरीके से लागू नहीं कर रही है और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम को कमजोर किया जा रहा है।
अंत में श्री बिशि ने कहा:
“डबल इंजन सरकार में दोगुना विकास होना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय सभी जनकल्याणकारी योजनाएँ बंद की जा रही हैं। इसलिए यह डबल इंजन नहीं, बल्कि ट्रबल इंजन सरकार है।”

