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कुटरूमाली बॉक्साइट खनन परियोजना की सभी पर्यावरण एवं प्रदूषण स्वीकृतियाँ तत्काल रद्द करने की मांग की, आदिवासी अधिकारों, वन कानूनों और संवैधानिक सुरक्षा के उल्लंघन का आरोप लगाया।

कुटरूमाली बॉक्साइट खनन परियोजना की सभी पर्यावरण एवं प्रदूषण स्वीकृतियाँ तत्काल रद्द करने की मांग की, आदिवासी अधिकारों, वन कानूनों और संवैधानिक सुरक्षा के उल्लंघन का आरोप लगाया।

कुटरूमाली बॉक्साइट खनन अनुमति तत्काल रद्द करने की मांग

भुवनेश्वर, 24 अप्रैल: Niranjan Bishi, सांसद ने State Pollution Control Board Odisha के सदस्य सचिव को पत्र लिखकर कुटरूमाली बॉक्साइट खनन पट्टा से संबंधित सभी सहमति, पर्यावरण अनुमति एवं लंबित आवेदनों को तत्काल रद्द करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना अनुसूचित क्षेत्र में स्थित है, जहाँ आदिवासी समुदायों, जंगलों और पर्यावरण की रक्षा हेतु अनिवार्य संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधान लागू होते हैं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि परियोजना को वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के तहत आवश्यक वन स्वीकृति प्राप्त नहीं है तथा ग्राम सभाओं की वैध सहमति भी नहीं ली गई है, जो पेसा अधिनियम, 1996 के तहत अनिवार्य है।

सांसद ने कहा कि यह परियोजना ओडिशा अनुसूचित क्षेत्र भूमि हस्तांतरण विनियमन, 1956 का भी उल्लंघन कर सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि पहाड़ी क्षेत्रों में बॉक्साइट खनन से जल स्रोत, वन, जैव विविधता, कृषि तथा आदिवासी आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा।

उन्होंने सभी स्वीकृतियाँ रद्द करने, लंबित आवेदनों पर रोक लगाने, स्वतंत्र जांच कराने तथा किसी भी प्रकार की भूमि छेड़छाड़ या प्रारंभिक खनन गतिविधि रोकने की मांग की।

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